Cough syrup tragedy मध्य प्रदेश:- मध्य प्रदेश में खांसी की दवा के कारण 24 बच्चों की मौत के मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने बड़ा कदम उठाया है। एसआईटी ने डॉ. प्रवीण सोनी की पत्नी ज्योति सोनी को गिरफ्तार किया है जो एक मेडिकल स्टोर की मालिक हैं और उन पर आरोप है कि उन्होंने कई पीड़ितों को दूषित खांसी की दवा बेची थी।
दवा की गुणवत्ता पर सवाल
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई बच्चों की मौत के बाद खांसी की दवा ‘कोल्ड्रिफ’ के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे जिनमें डाइएथिलीन ग्लाइकोल की अधिक मात्रा पाई गई थी। यह एक जहरीला रसायन है जो मानव शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।
एसआईटी की कार्रवाई
एसआईटी ने डॉ. प्रवीण सोनी की पत्नी ज्योति सोनी को परासिया टाउन में उनके घर से गिरफ्तार किया। ज्योति सोनी पर आरोप है कि उन्होंने अपने मेडिकल स्टोर से कई पीड़ितों को दूषित खांसी की दवा बेची थी। इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिनमें दवा निर्माता कंपनी के मालिक जी रंगनाथन, मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव सतीश वर्मा, केमिस्ट के महेश्वरी, थोक विक्रेता राजेश सोनी और मेडिकल स्टोर के फार्मासिस्ट सौरभ जैन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार ने दवा नियंत्रक और सहायक दवा नियंत्रक को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस मामले में अलर्ट जारी किया है और तीन “अनुपयुक्त” ओरल कफ सिरप की पहचान की है जिनमें कोल्ड्रिफ, रेस्पीफ्रेश टीआर और रिलाइफ शामिल हैं। तमिलनाडु सरकार ने दवा निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मा का लाइसेंस रद्द कर दिया है और उसके विनिर्माण इकाई को सील कर दिया है।