In blow to BJD ओडिशा:- ओडिशा की राजनीति में उस वक्त एक बड़ा भूचाल आ गया जब बीजू जनता दल (BJD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद अमर पटनायक ने पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब बीजेडी सुप्रीमो नवीन पटनायक ने नुआपड़ा विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना प्रचार अभियान शुरू किया है। बीजेडी के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा हैbखासकर तब जब पार्टी नुआपड़ा सीट को प्रतिष्ठा का विषय मानकर चल रही है।
अमर पटनायक ने रविवार को राज्य बीजेपी कार्यालय में बीजेपी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। वे एक पूर्व प्रशासनिक अधिकारी (आइए एंड एएस) रहे हैं और उन्होंने अपनी सेवा अवधि पूरी होने से नौ साल पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। राजनीति में आने के बाद वह अगस्त 2018 में बीजेडी में शामिल हुए थे। बीजेडी ने उन्हें पार्टी के आईटी सेल का प्रमुख बनाया था और 2019 में उन्हें राज्यसभा भी भेजा था। उनकी गिनती बीजेडी के प्रमुख रणनीतिकारों में होती थी।
बीजेपी ने अमर पटनायक के पार्टी में शामिल होने को एक मास्टर स्ट्रोक बताया है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि उनके अनुभव का लाभ पार्टी को ओडिशा के विकास और आगामी चुनावों में मिलेगा। दूसरी ओर इस घटना से बीजेडी खेमे में हलचल मच गई है।
जानकार मानते हैं कि नुआपड़ा उपचुनाव से ठीक पहले अमर पटनायक का बीजेडी छोड़ना, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के प्रचार शुरू करने के समय एक बड़ा राजनीतिक संदेश देता है। यह उपचुनाव वर्तमान बीजेपी सरकार के एक साल के कार्यकाल की पहली बड़ी परीक्षा भी है। अमर पटनायक के दल-बदल से नुआपड़ा उपचुनाव का मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है। बीजेपी इस कदम को नुआपड़ा और राज्य की राजनीति में अपनी पैठ मजबूत करने के एक बड़े अवसर के रूप में देख रही है।