नई दिल्ली :- लंबे इंतजार के बाद केंद्र सरकार ने आखिरकार 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर बड़ा कदम उठा लिया है। मोदी सरकार ने 3 नवंबर को वित्त मंत्रालय की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा कर दी है। आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में रहेगा और इसे अपनी सिफारिशें 18 महीनों के भीतर केंद्र सरकार को सौंपनी होंगी। हालांकि, यदि आवश्यक हुआ तो आयोग अंतरिम रिपोर्ट भी प्रस्तुत कर सकता है, जिससे कर्मचारियों को प्रारंभिक राहत मिल सके।
किन कर्मचारियों को होगा लाभ?
8वें वेतन आयोग के तहत वेतन और भत्तों की समीक्षा निम्नलिखित वर्गों के लिए की जाएगी:
– केंद्र सरकार के औद्योगिक एवं गैर-औद्योगिक कर्मचारी
– अखिल भारतीय सेवाओं (All India Services) के अधिकारी
– सशस्त्र बलों के कर्मचारी
– केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी
– भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग के कर्मचारी
– संसद द्वारा स्थापित नियामक संस्थाओं के सदस्य (रिजर्व बैंक को छोड़कर)
– सुप्रीम कोर्ट व उच्च न्यायालयों (UTs के अंतर्गत) के अधिकारी व कर्मचारी
– केंद्र शासित प्रदेशों के न्यायिक अधिकारी
आयोग के कार्यक्षेत्र
8वें वेतन आयोग का दायरा केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भत्तों, बोनस, ग्रेच्युटी और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (Performance Linked Incentive – PLI) जैसे कई अन्य वित्तीय पहलुओं पर भी सिफारिशें करेगा।
1. वेतन, भत्ते और अन्य लाभ
आयोग यह सिफारिश करेगा कि किन परिस्थितियों में मौजूदा वेतन, भत्तों और अन्य नगद या वस्तु आधारित लाभों में संशोधन आवश्यक है। इसका उद्देश्य सरकारी नौकरियों को प्रतिभाशाली युवाओं के लिए आकर्षक बनाना और कार्य संस्कृति में दक्षता और जवाबदेही बढ़ाना है।
2️. बोनस और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (PLI)
आयोग मौजूदा बोनस प्रणाली की समीक्षा करेगा और जरूरत पड़ने पर नई परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव योजना तैयार करने की सिफारिश कर सकता है, ताकि उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को विशेष रूप से पुरस्कृत किया जा सके।
3️. भत्तों का पुनर्गठन
वर्तमान में दिए जा रहे विभिन्न भत्तों की संख्या और उनकी प्रासंगिकता का मूल्यांकन करते हुए आयोग इनके पुनर्गठन की सिफारिश करेगा।