Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग के दौरान राजधानी पटना के वेटेनरी कॉलेज मतदान केंद्र पर एक अनोखा विवाद सामने आया जिसने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए। कई महिला वोटरों ने आरोप लगाया कि उन्हें मतदान पर्ची नहीं दी गई जिससे वे वोट नहीं डाल सकीं। मतदाता श्रेया नाम की युवा महिला ने बताया कि वह समय पर बूथ पर पहुंचीं पर बीएलओ द्वारा पर्ची न मिलने के कारण उन्हें मतदान से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति न केवल निराशाजनक है बल्कि लोकतंत्र के मूल अधिकार का हनन भी है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार हर मतदाता को बीएलओ के माध्यम से घर पर पर्ची दी जानी चाहिए ताकि वोटिंग के दिन किसी को परेशानी न हो। परंतु इस बूथ पर यह व्यवस्था सही तरह से लागू नहीं हो पाई। श्रेया ने बताया कि उन्होंने डिजिटल पर्ची दिखाने की कोशिश की लेकिन अधिकारियों ने उसे मान्यता नहीं दी। इससे नाराज होकर वे बिना वोट डाले लौट गईं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि बिहार में चुनावी प्रक्रिया पर आम जनता का भरोसा बार बार कमजोर होता है।
निर्वाचन कार्यालय ने बाद में बताया कि यह मामला सुलझा लिया गया है और किसी भी मतदाता को अब वोट डालने से नहीं रोका जा रहा है। वेटेनरी कॉलेज बूथ को वीआईपी बूथ माना जाता है जहां लालू प्रसाद यादव तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी जैसे बड़े नेता मतदान करते हैं। इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही की ओर ध्यान आकर्षित किया है और यह प्रश्न खड़ा किया है कि क्या आम मतदाता के अधिकार की रक्षा सही ढंग से हो रही है या नहीं।