Bangladesh cricket ढाका: बांग्लादेश क्रिकेट जगत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब राष्ट्रीय महिला टीम की पूर्व कप्तान जहांआरा आलम ने टीम से जुड़े अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। इन सनसनीखेज दावों के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने मामले की गहन जांच के लिए तुरंत एक विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया है। बोर्ड ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि एक पूर्व खिलाड़ी द्वारा लगाए गए कथित दुराचार के आरोपों को उन्होंने गंभीरता से लिया है। बीसीबी ने इन आरोपों पर गहरी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि यह मामला “बेहद संवेदनशील” है। गठित समिति को 15 कार्यदिवसों के भीतर अपनी जांच पूरी करके निष्कर्ष और सिफारिशें बोर्ड को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
जहांआरा आलम ने अपने आरोपों में विशेष रूप से पूर्व चीफ सेलेक्टर और टीम मैनेजर मंजरुल इस्लाम का नाम लिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया कि मंजरुल इस्लाम उनके साथ अनुचित शारीरिक व्यवहार करते थे जिसमें बिना अनुमति कंधे पर हाथ रखना और उनके निजी जीवन, यहाँ तक कि उनके मासिक धर्म (पीरियड्स) के बारे में असहज सवाल पूछना शामिल था। आलम ने यह भी आरोप लगाया कि मंजरुल इस्लाम अक्सर हाथ मिलाने के बजाय गले लगाने की कोशिश करते थे, जो टीम के अन्य सदस्यों और अधिकारियों की मौजूदगी में भी होता था। जहांआरा आलम ने यह भी दावा किया कि उन्होंने मंजरुल इस्लाम के अनुचित प्रस्तावों को ठुकरा दिया था जिसके बाद उन्होंने कथित तौर पर उनके क्रिकेट करियर को बर्बाद करने की कोशिश की। उन्होंने बीसीबी के कुछ अन्य अधिकारियों पर भी इसी तरह के व्यवहार का आरोप लगाया है।
बीसीबी ने स्पष्ट किया है कि वह अपने सभी खिलाड़ियों और कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित, सम्मानजनक और पेशेवर माहौल सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बोर्ड ने आगे कहा कि वे ऐसे मामलों को अत्यंत गंभीरता से लेते हैं और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आवश्यक और कड़ी कार्रवाई करेंगे। यह घटना बांग्लादेश क्रिकेट के लिए एक बड़ा झटका है और महिला क्रिकेट में खिलाड़ियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित करने की दिशा में बोर्ड की प्रतिबद्धता पर सवाल खड़े करती है। सभी की निगाहें अब जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं जिससे यह तय होगा कि क्रिकेट बोर्ड इस संवेदनशील मामले में किस तरह के कदम उठाता है।