Bihar elections पटना- बिहार विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में एनडीए के मुस्लिम उम्मीदवारों को वक्फ अधिनियम पर मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ रहा है। जेडीयू और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुस्लिम उम्मीदवारों को अपने चुनावी अभियान में वक्फ अधिनियम के समर्थन पर सफाई देनी पड़ रही है।
जेडीयू की उम्मीदवार शगुफ्ता अजीम कहती हैं “लोग मुझसे पूछते हैं कि हमने वक्फ अधिनियम का समर्थन क्यों किया। मैं उन्हें बताती हूं कि एनडीए सरकार के पास बहुमत है और जेडीयू अगर इस विधेयक का समर्थन नहीं भी करती तो भी यह विधेयक पारित हो जाता।” लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अकेले मुस्लिम उम्मीदवार मोहम्मद कलीमुद्दीन कहते हैं, “मैं लोगों से कहता हूं कि विपक्ष और वक्फ बोर्ड लोगों को गुमराह कर रहे हैं। वक्फ अधिनियम से मुस्लिम समुदाय को फायदा होगा।”
एनडीए के मुस्लिम उम्मीदवारों को यह भी कहना पड़ रहा है कि उनकी पार्टी मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। शगुफ्ता अजीम कहती हैं “हम मुसलमानों के हित में काम कर रहे हैं। हमारी सरकार ने मुस्लिम समुदाय के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं।” वक्फ अधिनियम पर विवाद के बीच एनडीए के मुस्लिम उम्मीदवारों को अपने चुनावी अभियान में मुश्किल सवालों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि वे अपने समर्थकों को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वक्फ अधिनियम मुस्लिम समुदाय के हित में है।