Bihar elections पटना: बिहार विधानसभा चुनाव में सेवानिवृत्त आईपीएस और आईआरएस अधिकारियों की एक बड़ी संख्या मैदान में उतरी है जो अपने प्रशासनिक अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें से कुछ उल्लेखनीय नाम हैं राकेश कुमार मिश्रा, शिवदीप वामनराव लांडे, सुनील कुमार, सुजीत कुमार सिंह, और आनंद मिश्रा।
राकेश कुमार मिश्रा एक 1986-बैच के आईपीएस अधिकारी, जो बिहार कैडर से हैं ने जद(यू) के टिकट पर दरभंगा से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने अपने 33 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया जिनमें भागलपुर के एएसपी, बिहार पुलिस के एडीजी, और होम डिफेंस बटालियन के डीजी शामिल हैं। शिवदीप वामनराव लांडे, एक 2006-बैच के आईपीएस अधिकारी, जो बिहार कैडर से है ने जामालपुर और अररिया से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने अपने प्रशासनिक अनुभव के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है जिनमें मुंगेर, अररिया, और पटना के एसपी शामिल हैं।
सुनील कुमार, एक 1987-बैच के आईपीएस अधिकारी जो बिहार कैडर से हैं ने भोरे से जद(यू) के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने अपने 33 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है जिनमें पटना के एसएसपी और गया और भोजपुर के एसपी शामिल हैं। सुजीत कुमार सिंह 2001-बैच के आईआरएस अधिकारी ने गौरा बौराम से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने अपने 23 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है जिनमें दिल्ली में आयकर के प्रिंसिपल कमिश्नर शामिल हैं।
आनंद मिश्रा एक 1989-बैच के आईपीएस अधिकारी जो तमिलनाडु कैडर से हैं ने बक्सर से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने अपने 33 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है जिनमें तमिलनाडु पुलिस के डीजी और होम डिफेंस बटालियन के डीजी शामिल हैं। इन सेवानिवृत्त आईपीएस और आईआरएस अधिकारियों के मैदान में उतरने से बिहार विधानसभा चुनाव और भी रोमांचक हो गया है। वे अपने प्रशासनिक अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता के साथ चुनाव लड़ रहे हैं और अपने क्षेत्रों में विकास की उम्मीद कर रहे हैं।