Out in the cold पटना: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता आरके सिंह ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बिहार में एक बड़े घोटाले को अंजाम दिया गया है जिसमें राज्य के बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत है। सिंह ने कहा कि उन्होंने इस मामले में जांच की मांग की है और अगर जरूरत पड़ी तो वे सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हैं।
सिंह ने कहा “मैंने हमेशा सच बोला है और आगे भी बोलूंगा। बीजेपी मुझे निष्कासित कर सकती है लेकिन मैं सच बोलूंगा।” उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को सूचित किया है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।सिंह ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार ने एक निजी कंपनी को बिजली उत्पादन के लिए अनुबंध दिया है जिसमें राज्य के खजाने को 62,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह अनुबंध पूरी तरह से अवैध है और इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
सिंह के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि यह एक बड़ा घोटाला है और इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीजेपी को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इस बीच आरके सिंह के आरोपों पर बीजेपी ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि सिंह के आरोपों से पार्टी को नुकसान हो सकता है।
आरके सिंह के आरोप
– बिहार सरकार ने एक निजी कंपनी को बिजली उत्पादन के लिए अनुबंध दिया हैbजिसमें राज्य के खजाने को 62,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
– अनुबंध पूरी तरह से अवैध है और इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
– सिंह ने इस मामले में जांच की मांग की है और अगर जरूरत पड़ी तो वे सीबीआई जांच के लिए भी तैयार हैं।
प्रतिक्रिया
– कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि यह एक बड़ा घोटाला है और इसकी जांच होनी चाहिए।
– बीजेपी ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि सिंह के आरोपों से पार्टी को नुकसान हो सकता है।