Govt clears नई दिल्ली:- सरकार ने अंडल प्रांत में एएमएनएस के स्टील प्लांट के लिए स्लरी पाइपलाइन योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ से अंडल प्रांत तक लोहे के अक्षत को स्लरी पाइपलाइन के माध्यम से परिवहन किया जाएगा जिससे स्टील प्लांट के लिए कच्चे माल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
इस परियोजना की अनुमानित लागत 1.5 लाख करोड़ रुपये है और यह अंडल प्रांत में सबसे बड़ा स्टील प्लांट होगा। इस प्लांट की क्षमता 17 मिलियन टन प्रति वर्ष होगी जिसमें पहले चरण में 8.2 मिलियन टन प्रति वर्ष का उत्पादन किया जाएगा। इस परियोजना से अंडल प्रांत में लगभग 85,000 लोगों को रोजगार मिलेगा जिसमें 25,000 प्रत्यक्ष और 60,000 अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल हैं। इस परियोजना से अंडल प्रांत के औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा और भारत की स्टील उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी।
इस परियोजना के लिए सरकार ने पेट्रोलियम और खनिज पाइपलाइन (अधिकार का उपयोग) अधिनियम, 1962 के तहत मंजूरी दी है, जिससे एएमएनएस को पाइपलाइन के लिए भूमि का उपयोग करने का अधिकार मिलेगा। इस परियोजना के पूरा होने से अंडल प्रांत में स्टील उत्पादन में वृद्धि होगी और भारत की स्टील उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। यह परियोजना भारत के औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण कदम होगा और देश की आर्थिक विकास में योगदान करेगा।