नई दिल्ली :- बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिल्ली से वृंदावन तक दस दिन की भव्य पदयात्रा आरंभ की है। इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय भी है। शास्त्री का लक्ष्य है कि इस पदयात्रा के माध्यम से सनातन संस्कृति की एकजुटता को नया आयाम दिया जाए और यमुना की शुद्धता के लिए जनजागरण फैलाया जाए।
दिल्ली के इंद्रप्रस्थ क्षेत्र से आरंभ हुई यह पदयात्रा हरियाणा होते हुए उत्तर प्रदेश के मथुरा और वृंदावन तक पहुंचेगी। शास्त्री का कहना है कि यमुना केवल एक नदी नहीं बल्कि आस्था का प्रतीक है और इसका प्रदूषण समाज की उपेक्षा का परिणाम है। इस यात्रा के दौरान वे पांच करोड़ लोगों तक संदेश पहुंचाने का संकल्प ले चुके हैं।
शास्त्री का यह भी कहना है कि ब्रज क्षेत्र में मांस और मद्य की बिक्री पर रोक लगनी चाहिए तथा गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा मिलना चाहिए। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण और सनातन धर्म की एकता को केंद्र में रखकर यह यात्रा आगे बढ़ रही है।
इस अभियान में अनेक संत महात्मा और कलाकार भी सहभागी बन रहे हैं। कथावाचक जया किशोरी, कवि कुमार विश्वास, ग्रेट खली, अक्षरा सिंह और सुनील ग्रोवर जैसे प्रसिद्ध नाम इस यात्रा से जुड़े हैं। इनके अतिरिक्त साध्वी ऋतंभरा, स्वामी चिदानंद मुनि, स्वामी ज्ञानानंद महाराज और राजू दास महाराज जैसे संतों की उपस्थिति इस यात्रा को विशेष बना रही है।
वृंदावन में 16 नवंबर को बांके बिहारी मंदिर में आयोजित महासभा के साथ इस यात्रा का समापन होगा। धीरेंद्र शास्त्री का यह प्रयास सनातन परंपरा की शक्ति और यमुना की पवित्रता दोनों को पुनर्स्थापित करने का संदेश देता है।