Opposition vows इस्लामाबाद:- पाकिस्तान में विपक्षी दलों ने 27वें संविधान संशोधन के खिलाफ देशव्यापी विरोध का ऐलान किया है जिसे सरकार ने सीनेट में पेश किया है। विपक्ष का आरोप है कि यह संशोधन संविधान की मूलभूत संरचना को खतरे में डालता है और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कम करता है। विपक्षी गठबंधन तहरीक-ए-तहफ्फुज-ए-आयीन-ए-पाकिस्तान (टीटीएपी) के नेता महमूद खान अचकज़ई ने कहा कि यह संशोधन पाकिस्तान के संविधान को कमजोर करने का प्रयास है और इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस संशोधन को पारित होने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
संशोधन के अनुसार यह प्रस्तावित है कि सैन्य नेतृत्व की संरचना में बदलाव किया जाए और एक नए पद चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज की स्थापना की जाए। इसके अलावा न्यायपालिका में बदलाव किए जाने का प्रस्ताव है जिसमें सुप्रीम कोर्ट की शक्तियों को कम करने और एक नए फेडरल कंस्टीट्यूशनल कोर्ट की स्थापना शामिल है। विपक्षी दलों का आरोप है कि यह संशोधन सैन्य शक्ति को बढ़ाने और न्यायपालिका की स्वतंत्रता को कम करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह संशोधन पाकिस्तान के लोकतंत्र के लिए खतरा है और इसका विरोध किया जाना चाहिए।
टीटीएपी के नेताओं ने कहा कि वे इस संशोधन के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे और इसे पारित होने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि वे इस संशोधन को वापस लेने के लिए सरकार पर दबाव डालेंगे। इस बीच सरकार ने कहा है कि यह संशोधन पाकिस्तान के विकास और सुरक्षा के लिए आवश्यक है और इसका समर्थन किया जाना चाहिए। सरकार का कहना है कि यह संशोधन न्यायपालिका की स्वतंत्रता को बढ़ाने और सैन्य शक्ति को मजबूत करने में मदद करेगा।