Global study नई दिल्ली:- एक ग्लोबल स्टडी के अनुसार भारत में 2023 में क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) के मामले दूसरे स्थान पर हैं जिसमें लगभग 138 मिलियन लोग प्रभावित हैं। यह अध्ययन द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित हुआ है और इसके अनुसार चीन में 152 मिलियन मामले हैं जो पहले स्थान पर है। इस अध्ययन में 1990 से 2023 तक 204 देशों और क्षेत्रों के स्वास्थ्य आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन के अनुसार सीकेडी दुनिया भर में मृत्यु का नौवां प्रमुख कारण है और हर साल लगभग 15 लाख लोगों की मौत का कारण बनता है।
भारत में सीकेडी के मामले बढ़ने के कारणों में डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, मोटापा और आहार संबंधी कारक जैसे फलों और सब्जियों का कम सेवन और सोडियम की अधिक मात्रा शामिल हैं। अध्ययन के अनुसार, सीकेडी हृदय रोगों का भी एक प्रमुख कारण है और 2023 में दुनिया भर में हृदय संबंधी मौतों में लगभग 12% मामलों के लिए जिम्मेदार है। आईएचएमई के प्रोफेसर थियो वोस ने कहा, “क्रोनिक किडनी रोग एक प्रमुख स्वास्थ्य समस्या है और इसके प्रभाव को कम करने के लिए हमें तुरंत कार्रवाई करनी होगी। हमें सीकेडी के जोखिम कारकों को कम करने और इसके प्रभाव को कम करने के लिए रणनीतियों को लागू करना होगा।”
अध्ययन के अनुसार सीकेडी के मामले भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग हैं जिसमें दक्षिण भारत में सबसे अधिक मामले हैं। अध्ययन के अनुसार सीकेडी के मामले ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक हैं और पुरुषों में अधिक हैं। इस अध्ययन के परिणामों से पता चलता है कि सीकेडी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है और इसके प्रभाव को कम करने के लिए हमें तुरंत कार्रवाई करनी होगी। हमें सीकेडी के जोखिम कारकों को कम करने और इसके प्रभाव को कम करने के लिए रणनीतियों को लागू करना होगा ।