लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सभी विद्यालयों में वंदे मातरम् गाने को अनिवार्य करने की घोषणा के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि देशभक्ति दिल से आती है इसे किसी पर थोपा नहीं जा सकता। उनका कहना है कि भारत का संविधान हर नागरिक को अपनी पसंद की स्वतंत्रता देता है और यही हमारी लोकतांत्रिक ताकत है। अखिलेश यादव ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम इसी आजादी की भावना से लड़ा गया था और संविधान निर्माताओं ने राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों को समान सम्मान दिया था।
उन्होंने प्रश्न उठाया कि जब संविधान बना तब वंदे मातरम् को अनिवार्य क्यों नहीं किया गया। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने भी मुख्यमंत्री के फैसले पर आपत्ति जताई और कहा कि धर्म के आधार पर किसी चीज को बाध्य करना समाज को विभाजित कर सकता है। उनका कहना है कि आस्था और विश्वास को जबरदस्ती में बदला नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह कदम राष्ट्र के प्रति सम्मान की भावना जगाने के लिए उठाया है पर विपक्ष का मानना है कि इसे लागू करने का तरीका संवैधानिक भावनाओं के विपरीत है। इस बहस ने देशभक्ति और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संतुलन पर नया प्रश्न खड़ा कर दिया है।