दिल्ली धमाके की तारीख से जुड़ा बड़ा राज 10 नवंबर को क्यों चुना गया था हमला

 

नई दिल्ली :- दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार आतंकियों ने 10 नवंबर की तारीख सोच समझकर चुनी थी। यह वही दिन था जब देशभर में त्योहारों के बाद सुरक्षा व्यवस्था सामान्य होती जा रही थी और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्कता कुछ हद तक कम हो गई थी। इस मौके का फायदा उठाने के लिए आतंकियों ने धमाका करने की साजिश रची थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि धमाका असल में एक बड़े हमले की तैयारी का हिस्सा था। आतंकी संगठन जम्मू कश्मीर में पहले से ही 3000 किलो से अधिक विस्फोटक जमा कर चुके थे लेकिन समय रहते पुलिस ने इन सामग्रियों को बरामद कर लिया। आठ संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि उन्हें विस्फोटकों का इस्तेमाल करना नहीं सिखाया गया था। उनका काम सिर्फ सामग्री इकट्ठा कर आगे भेजना था।

एजेंसियों का मानना है कि दिल्ली धमाका उनकी हताशा का परिणाम था क्योंकि बड़ी योजना नाकाम हो चुकी थी। इस कारण उन्होंने सीमित साधनों से एक छोटा धमाका कर दहशत फैलाने की कोशिश की। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस तारीख का चयन एक प्रतीकात्मक संदेश देने के लिए किया गया था ताकि यह दिखाया जा सके कि सुरक्षा तंत्र को वे कभी भी चुनौती दे सकते हैं।

अब जांच एजेंसियां देशभर में उन सभी संभावित ठिकानों की निगरानी कर रही हैं जहां से विस्फोटक सामग्री इकट्ठा की जा सकती थी। यह मामला इस बात की गंभीर चेतावनी है कि आतंकी संगठनों के निशाने पर अब भी भारत की राजधानी है और उनकी हर चाल को समय रहते नाकाम करना जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *