नई दिल्ली :- साल 1993 में रिलीज हुई फिल्म बाजीगर ने हिंदी सिनेमा की दिशा बदल दी थी। इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया बल्कि शाहरुख खान को बॉलीवुड का नया सुपरस्टार भी बना दिया। दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म की स्क्रिप्ट पहले चार बड़े सितारों को ऑफर की गई थी लेकिन सभी ने इसे ठुकरा दिया था। कहा जाता है कि फिल्म में निगेटिव शेड वाला रोल होने की वजह से कई नामी अभिनेता इसे करने से पीछे हट गए थे।
फिल्म की कहानी एक बदले की यात्रा पर आधारित थी जिसमें हीरो पहली बार ग्रे शेड में दिखाया गया। निर्माता अब्बास मस्तान ने इस कहानी को थ्रिलर और इमोशन के शानदार मेल में पिरोया था। इस फिल्म में श्रीदेवी को डबल रोल के लिए अप्रोच किया गया था लेकिन किसी कारण से बात नहीं बन पाई और बाद में कास्टिंग में बदलाव किए गए।
जब यह फिल्म रिलीज हुई तो दर्शकों ने इसे दिल से अपनाया। शाहरुख खान का डायलॉग कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है उस दौर का आइकॉनिक डायलॉग बन गया। इस फिल्म के जरिए उन्होंने यह साबित कर दिया कि अलग और रिस्की रोल भी दर्शकों को पसंद आ सकते हैं।
आज भी बाजीगर को बॉलीवुड के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है जिसने न सिर्फ शाहरुख खान के करियर को नई उड़ान दी बल्कि हिंदी फिल्मों की कहानी कहने के तरीके को भी बदल दिया।