वाशिंगटन (अमेरिका):- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एच 1 बी वीजा को लेकर अपना रुख बदल दिया है। पहले जहां उन्होंने इस वीजा पर सख्ती दिखाई थी अब वे मानते हैं कि अमेरिका को आगे बढ़ाने के लिए विदेशी कुशल लोगों की जरूरत है। ट्रंप ने कहा कि देश केवल बेरोजगार नागरिकों पर निर्भर रहकर अपनी इंडस्ट्री और टेक्नोलॉजी को मजबूत नहीं बना सकता। उन्होंने बताया कि कुछ काम ऐसे होते हैं जिनके लिए खास स्किल और अनुभव चाहिए। हर व्यक्ति को तुरंत मिसाइल बनाना या हाई टेक्नोलॉजी का संचालन सिखाना संभव नहीं है।
उन्होंने जॉर्जिया राज्य का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां ह्युंडई बैटरी फैक्ट्री में दक्षिण कोरिया से आए कुशल कर्मचारियों को जब वापस भेजा गया तो उत्पादन में भारी दिक्कतें आईं। यह उदाहरण दिखाता है कि विदेशी विशेषज्ञ अमेरिका की इंडस्ट्री के लिए कितने जरूरी हैं। ट्रंप ने माना कि अमेरिकी मजदूरों की तनख्वाह बढ़नी चाहिए पर साथ ही विदेशी टैलेंट का योगदान भी जरूरी है ताकि अमेरिका अपनी वैश्विक बढ़त बनाए रख सके।
नई नीति के तहत वीजा फीस में बड़ा बदलाव हुआ है पर ट्रंप का नरम रुख इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में कुशल लोगों के लिए अमेरिका के दरवाजे फिर से खुल सकते हैं।