Chess WCC नई दिल्ली:- भारतीय शतरंज जगत के लीजेंड ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद ने युवा भारतीय खिलाड़ी प्रनव वी के शतरंज विश्व कप अभियान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। आनंद ने प्रनव की खेल शैली की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी साहसिक फैसले लिए जो एक उभरते हुए चैंपियन की पहचान है।
विश्वनाथन आनंद जो लंबे समय तक भारत में शतरंज के प्रतीक रहे हैं, ने कहा कि प्रनव का प्रदर्शन यह दिखाता है कि देश में नई पीढ़ी कितनी आत्मविश्वास से भरी हुई है। उन्होंने विशेष रूप से एक मैच का जिक्र करते हुए कहा, “आज उन्होंने संभावित पुनरावृत्ति को ठुकराया और जीत के मौके तलाशने का निर्णय लिया। यह दिखाता है कि वह सिर्फ ड्रॉ से संतुष्ट नहीं थे — वे जीत के लिए खेल रहे थे।”आनंद का यह बयान न केवल प्रनव के खेल की प्रशंसा है बल्कि उनके मानसिक दृढ़ता की भी सराहना करता है। विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में जहां हर चाल मायने रखती है वहां जोखिम उठाने का निर्णय अक्सर खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को दर्शाता है। आनंद ने कहा कि इस स्तर पर आकर भी प्रनव का खेलना दिखाता है कि भारतीय शतरंज खिलाड़ी अब विश्व मंच पर निडर होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रनव वी ने इस वर्ष के शतरंज विश्व कप में कई अनुभवी ग्रैंडमास्टर्स को चुनौती दी। हालांकि वे शीर्ष स्थान तक नहीं पहुंच पाए लेकिन उनके मैचों में आक्रामकता और रणनीतिक समझ ने कई विशेषज्ञों को प्रभावित किया। आनंद ने माना कि प्रनव का यह अभियान आने वाले वर्षों में भारतीय शतरंज के लिए प्रेरणा बनेगा। उन्होंने आगे कहा कि भारत में अब कई युवा खिलाड़ी वैश्विक स्तर पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं — चाहे वह रमेशबाबू प्रग्गनानंधा हों, डी. गुकेश हों या अब प्रनव वी। इन खिलाड़ियों की सफलता ने भारतीय शतरंज को नई दिशा दी है।
आनंद ने अंत में कहा, “हर टूर्नामेंट से अनुभव मिलता है। प्रनव जैसे खिलाड़ी भविष्य में न केवल विश्व कप बल्कि विश्व चैंपियनशिप में भी भारत का नाम रोशन करेंगे।” प्रनव वी का यह अभियान भले ही समाप्त हो गया हो लेकिन उनका संघर्ष, आत्मविश्वास और जीत की भूख ने भारतीय शतरंज प्रेमियों का दिल जीत लिया है।