नोएडा :- उत्तर प्रदेश के नोएडा में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। शहर के कई क्षेत्रों में एयर क्वालिटी इंडेक्स चार सौ से ऊपर दर्ज किया गया है जो गंभीर श्रेणी में आता है। ऐसे हालात को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने क्रमिक प्रतिक्रिया कार्य योजना का तीसरा चरण लागू कर दिया है। इस चरण के लागू होते ही नोएडा प्राधिकरण ने निर्माण गतिविधियों पर रोक लगा दी है। केवल मेट्रो रेल अस्पतालों और फ्लाईओवर से जुड़ा कार्य जारी रखने की अनुमति दी गई है। बाकी सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है ताकि धूल और प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके। प्रशासन ने पुराने वाहनों की आवाजाही पर भी नियंत्रण के आदेश दिए हैं और सड़कों की नियमित सफाई के निर्देश जारी किए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह स्थिति ऐसे ही बनी रही तो बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए सरकार के साथ नागरिकों को भी जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी ताकि शहर की हवा फिर से स्वच्छ और स्वस्थ बन सके।