नई दिल्ली :- दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके की जांच ने पूरे देश को हिला देने वाली साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार आतंकी मॉड्यूल ने 32 पुराने वाहनों में विस्फोटक लगाकर कई बड़े धार्मिक और भीड़भाड़ वाले स्थानों को निशाना बनाने की योजना तैयार की थी। यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय था और अपनी गतिविधियों को छुपाने के लिए साधारण कारों को हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा था।
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि धमाका करने से पहले आतंकी तीन घंटे तक पार्किंग में बैठकर बम तैयार करते रहे। उनकी योजना सिर्फ एक जगह को नहीं बल्कि विभिन्न राज्यों और प्रमुख स्थलों को एक साथ दहला देने की थी। इस प्लान में अयोध्या स्थित राम मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थल भी शामिल थे जिससे इस साजिश की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जांच के दौरान मिले साक्ष्य यह संकेत देते हैं कि यह सिर्फ एक ट्रायल था और आतंकियों का इरादा कहीं बड़े पैमाने पर हमला करने का था। समय रहते सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता ने देश को एक संभावित बड़ी त्रासदी से बचा लिया। अब सवाल यह है कि ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए और कितने सख्त कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की कोई संभावना न बचे।