Foot condition : डॉक्टरों ने एआई का उपयोग करके जल्दी पता लगाने की तकनीक अपनाई

Foot condition नई दिल्ली:- भारत में मधुमेह के मरीजों में पैर की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं और डॉक्टर अब इस समस्या का समाधान करने के लिए एआई तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर में सरकारी नंदी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एआई-पावर्ड डायबेटिक फुट केयर एंड रिसर्च सेंटर की स्थापना की गई है जो मधुमेह के मरीजों के पैरों की समस्याओं का जल्दी पता लगाने और उपचार करने में मदद करेगा।

एआई तकनीक कैसे काम करती है?

एआई तकनीक में स्ट्राइडजीपीटी नामक एक इंटेलिजेंट कन्वर्सेशनल एआई एजेंट शामिल है जो डॉक्टरों, मरीजों और पैरामेडिकल स्टाफ को पैर की समस्याओं का जल्दी पता लगाने और उपचार करने में मदद करता है। यह तकनीक पैरों के दबाव, तापमान और गेट पैटर्न की निगरानी करती है और मरीजों को अपने पैरों की समस्याओं के बारे में सचेत करती है।

मधुमेह के कारण पैर की समस्याएं क्यों बढ़ रही हैं?

मधुमेह के मरीजों में पैर की समस्याएं बढ़ने के कई कारण हैं जिनमें से कुछ प्रमुख कारण हैं:

– नसों की क्षति: मधुमेह के कारण नसों की क्षति हो सकती है जिससे पैरों में दर्द, जलन और संवेदनहीनता हो सकती है।

– रक्त संचार की कमी: मधुमेह के कारण रक्त संचार कम हो सकता है जिससे पैरों में घाव और संक्रमण हो सकता है।

– अपर्याप्त देखभाल: मधुमेह के मरीजों में पैर की समस्याएं बढ़ने का एक प्रमुख कारण अपर्याप्त देखभाल है ।

मधुमेह के मरीजों में पैर की समस्याएं एक गंभीर समस्या है लेकिन एआई तकनीक के उपयोग से इसका जल्दी पता लगाया जा सकता है और उपचार किया जा सकता है। मधुमेह के मरीजों को अपने पैरों की नियमित जांच करानी चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए ।

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