Tennis Qualifier नई दिल्ली:- भारत के नंबर-1 पुरुष टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल को ऑस्ट्रेलियन ओपन वाइल्ड‑कार्ड प्लेऑफ टूर्नामेंट के लिए चीन का वीज़ा मिल गया है। यह बड़ी उपलब्धि है क्योंकि पहले उनकी वीज़ा आवेदन बताए बिना अस्वीकृत कर दी गई थी। नागल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (X) पर पहले चीनी दूतावास और चीन के राजदूत झू फेइहॉन्ग से मदद की अपील की थी। उन्होंने लिखा था कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट वजह के वीज़ा नकार दिया गया है और वे जल्द ही चीन जाना चाहते हैं क्योंकि उनकी प्रतियोगिता 24 नवम्बर से चीन के चेंगडू में होने वाली है अपील के बाद चीनी अधिकारियों और भारत के मंत्रालय ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स (MEA) की सक्रिय भूमिका बनी और अंततः वीज़ा मंजूर कर दिया गया। नागल ने अपने दूसरे पोस्ट में उन सभी का धन्यवाद किया जिन्होंने उनकी मदद की।
यह प्लेऑफ टूर्नामेंट चेंगडू में छह दिन (24–29 नवम्बर) चलेगा जिसमें जीनरल ग्रैंड स्लैम में सीधे प्रवेश पाने का मौका मिलेगा। इस टूर्नामेंट में विजेता खिलाड़ियों को 2026 ऑस्ट्रेलियन ओपन के मेन ड्रॉ (मुख्य टूर्नामेंट) में खेलने का मौका मिलेगा। सुमित नागल की पीठ पर बड़े दबाव रहे हैं — उनका ATP रैंकिंग वर्तमान में लगभग 290 है, जबकि वह 2024 में अपनी करियर‑हाई रैंकिंग 68 तक पहुंच चुके थे। इसके चलते उन्हें ग्रैंड स्लैम इवेंट्स में सीधे प्रवेश नहीं मिल पाता और उन्हें वाइल्ड‑कार्ड या क्वालीफाइंग राउंड्स पर निर्भर रहना पड़ता है।
नागल की यह कवायद और वीज़ा प्राप्ति केवल उनकी खेल‑यात्रा के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह एक कूटनीतिक मोड़ भी है। कई विशेषज्ञों ने इसे भारत‑चीन संबंधों में एक सकारात्मक संकेत माना है, खासकर खेल कूटनीति के क्षेत्र में। समरीत नागल के लिए यह वीज़ा मिलने का मतलब है कि उनका ग्रैंड स्लैम में वापसी का रास्ता फिर से खुल गया है, और वह चेंगडू में अपनी पूरी क्षमता दिखा सकते हैं। देशवासियों की उम्मीदें अब उनके प्रदर्शन और सफलता पर टिकी हुई हैं।