Withdrawl : “उद्योगों में सहजता की बड़ी पहल: सरकार ने टेक्सटाइल, प्लास्टिक और केमिकल सेक्टर में 14 क्यूसीओ को वापस लिया”

Withdrawl नई दिल्ली:- भारत सरकार ने व्यवसाय करने में आसानी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 14 क्यूसीओ को रद्द कर दिया है। यह सुधार विशेष रूप से टेक्सटाइल, प्लास्टिक और केमिकल उद्योगों में कच्चे माल की उपलब्धता और लागत को आसान बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

क्यूसीओ हटाने का क्या मतलब है?

इस निर्णय के जरिए सरकार ने उन QCOs को समाप्त किया है जो टेरेफलालिक एसिड, एथिलीन ग्लाइकोल और प्रकार-प्रकार के पॉलिएस्टर यार्न, फाइबर और बड़े प्लास्टिक राल जैसे पॉलिप्रोपाइलीन (PP), पॉलीइथिलीन (PE), PVC, ABS, पॉलीकार्बोनेट (PC) आदि पर लागू थे।  अब इन सामग्रियों के लिए BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) प्रमाणन अनिवार्य नहीं रहेगा जिससे आयात प्रक्रिया सरल होगी और औद्योगिक इकाइयों को सस्ते इनपुट्स प्राप्त करने में सहूलियत मिलेगी।

उद्योगों को किस तरह लाभ मिलेगा

  • कच्चे माल की उपलब्धता बेहतर होगी: जिससे टेक्सटाइल और प्लास्टिक निर्माण इकाइयों को समय पर और किफायती इनपुट्स मिल सकेंगे।
  • लागत में कमी आएगी: QCO हटने से रॉ मटेरियल की दर में गिरावट का अनुमान है, जिससे MSME (लघु एवं मध्यम उद्यम) और निर्यात‑उद्योगों को राहत मिलेगी।
  • नियामक बोझ घटेगा: प्रमाणन और परीक्षण की प्रक्रिया में सरलता आएगी जिससे परिचालन अधिक कुशल होगा और समय बचा सकेगा।
  • ग्लोबल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी: घटे हुए इनपुट खर्च और आसान आपूर्ति श्रृंखला के कारण भारतीय कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकती हैं।

उद्योगों की प्रतिक्रिया

टेक्सटाइल उद्योग से जुड़ी Confederation of Indian Textile Industry (CITI) ने इस कदम का स्वागत किया है खासकर मैन-मैड फाइबर (MMF) क्षेत्र में। उन्हें उम्मीद है कि QCO हटने से बेहतर क्वालिटी के यार्न और फाइबर आसानी से उपलब्ध होंगे जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और निर्यात‑क्षमता भी मजबूत होगी।

नीतिगत अर्थ और महत्व

विश्लेषकों के मुताबिक, यह कदम सरकार की प्रगतिशील उद्योग उन्मुख नीतियों और “Made in India” पहल को और मजबूत करता है। इसके अलावा, व्यापार और उत्पादन श्रृंखला को सरल बनाकर यह निर्यात को बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने में योगदान दे सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *