Hindustan limited नई दिल्ली:- हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का पुनर्गठन अध्ययन मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है जो इस सरकारी विमान निर्माता को अधिक लायबिल, नवाचार-आधारित और निर्यात-केंद्रित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अध्ययन बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) द्वारा किया जा रहा है जो एचएएल की बढ़ती ऑर्डर बुक और ग्राहक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए प्लेटफ़ॉर्म डिलिवरी पर ध्यान केंद्रित कर रहा है ।
पुनर्गठन के मुख्य बिंदु
– निर्यात वृद्धि: एचएएल का लक्ष्य अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार में ले जाना है जिससे भारत के रक्षा निर्यात में वृद्धि होगी।
– आंतरिक डिज़ाइन और विकास: कंपनी अपने आंतरिक डिज़ाइन और विकास क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है जिससे वह अधिक आत्मनिर्भर बनेगी।
– सप्ली चेन में सुधार: एचएएल अपनी सप्लाई चेन को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए काम कर रही है।
– डिजिटल परिवर्तन: कंपनी अपने संचालन में डिजिटल तकनीक को अपनाने की योजना बना रही है जिससे उसकी दक्षता और उत्पादकता में वृद्धि होगी।
एचएएल की वर्तमान स्थिति
एचएएल भारत की सबसे बड़ी रक्षा कंपनी है जिसका ऑर्डर बुक ₹2.52 लाख करोड़ से अधिक है। कंपनी के पास टीजेएस एमके-1ए फाइटर जेट, एचटीटी-40 ट्रेनर, और एएमसीए और टीईडीबीएफ कार्यक्रमों जैसे कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं हैं ।