श्रावस्ती (उत्तर प्रदेश):- श्रावस्ती में उस समय हड़कंप मच गया जब गांव के करीब तीस बच्चे खेत घूमने गए और वहां उन्हें ऐसे जंगली बीज मिले जिन्हें उन्होंने सामान्य मूंगफली समझकर खा लिया। ये बीज रण नामक जंगली पौधे के थे जो दिखने में भले ही साधारण लगते हों लेकिन इनमें मौजूद तत्व बेहद जहरीले माने जाते हैं। बच्चों को यह अंदेशा भी नहीं था कि जो वे खा रहे हैं वह उनके स्वास्थ्य के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
शाम तक सभी बच्चे पूरी तरह सामान्य थे लेकिन देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। कई बच्चों को उल्टी दस्त चक्कर और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। कुछ बच्चों की स्थिति गंभीर होती देख परिवारों में अफरा तफरी मच गई। घबराए हुए परिजन तुरंत बच्चों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि बच्चों के शरीर में जहर का असर तेजी से फैल रहा था लेकिन समय पर इलाज मिलने के कारण अब स्थिति पर नियंत्रण पाया जा रहा है। सभी बच्चों का अलग अलग परीक्षण किया जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि किस बच्चे पर जहर का असर कितना गहरा हुआ है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है और जरूरी दवाएं दी जा रही हैं।
घटना के बाद गांव में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में उगने वाले जंगली पौधों के बारे में जानकारी न होने के कारण ऐसी घटनाएं बार बार सामने आती रहती हैं। कई लोगों ने मांग की है कि स्कूलों और गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जाए जिससे बच्चे यह समझ सकें कि कौन से पौधे या बीज खाने योग्य नहीं होते। घटना इस बात की गंभीर चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्यावरण और प्रकृति से जुड़ी जागरूकता कितनी जरूरी है। समय पर इलाज मिल जाने से बड़ा हादसा टल गया लेकिन इस घटना ने सभी को सतर्क रहने का संदेश दे दिया है।