Muslim votes सीमांचल:- बिहार के सीमांचल क्षेत्र में मुस्लिम वोटों का बंटवारा महागठबंधन और एआईएमआईएम के बीच एनडीए को आगे निकलने का मौका मिला। सीमांचल में 24 सीटें हैं जहां मुस्लिम आबादी काफी अधिक है। इस क्षेत्र में किशनगंज, अररिया, कटिहार और पूर्णिया जिले शामिल है।
सीमांचल का जातीय समीकरण
सीमांचल में मुस्लिम आबादी लगभग 40% है जो इस क्षेत्र के चुनावी समीकरण को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। किशनगंज में मुस्लिम आबादी 67.89% है जबकि कटिहार में 44.47%, अररिया में 42.95% और पूर्णिया में 38.46% है ।
एआईएमआईएम की भूमिका
एआईएमआईएम ने सीमांचल में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज की है जहां उसने 2020 के चुनाव में 5 सीटें जीती थीं। इस बार भी एआईएमआईएम ने 15 उम्मीदवार उतारे है जो महागठबंधन के लिए चुनौती बन सकते हैं।
एनडीए की जीत
एनडीए ने सीमांचल में 14 सीटें जीती हैं जबकि महागठबंधन को केवल 5 सीटें मिली हैं। एआईएमआईएम ने भी 5 सीटें जीती हैं जो इस क्षेत्र में उसकी मजबूत उपस्थिति को दर्शाती हैं।
विश्लेषकों की राय
विश्लेषकों का कहना है कि सीमांचल में मुस्लिम वोटों का बंटवारा महागठबंधन के लिए नुकसानदायक साबित हुआ है। एआईएमआईएम की मजबूत उपस्थिति ने महागठबंधन के वोटों को बांट दिया, जिससे एनडीए को फायदा हुआ।