Cold Weather Pain नई दिल्ली:- सर्दियों के आगमन के साथ ही लोगों में जोड़ो के दर्द, अकड़न और सूजन की शिकायतें बढ़ जाती हैं। विशेष रूप से बुज़ुर्गों, आर्थराइटिस के मरीजों और चोट से उबर रहे लोगों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। डॉक्टरों का कहना है कि ठंड का तापमान जोड़ो के लुब्रिकेशन को कम कर देता है, रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है और मांसपेशियां कठोर हो जाती हैं, जिससे दर्द बढ़ सकता है। ऐसे मौसम में अपने जोड़ो की सुरक्षा और देखभाल बेहद ज़रूरी हो जाती है। विशेषज्ञों ने सर्दियों में जोड़ो को स्वस्थ और दर्द-मुक्त रखने के लिए कई विशेष उपाय सुझाए हैं।
सर्दियों में क्यों बढ़ता है जोड़ो का दर्द?
विशेषज्ञ बताते हैं कि तापमान में गिरावट होने पर शरीर के ऊतकों में खिंचाव बढ़ जाता है। जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां ठंडी होकर सख़्त हो जाती हैं, जिससे चलने-फिरने पर अधिक दबाव पड़ता है। इसके अलावा, ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे जोड़ो तक रक्त पहुंचने में कमी आती है और दर्द या सूजन बढ़ सकती है। इसी वजह से आर्थराइटिस, गठिया और पुराने चोट वाले क्षेत्र सर्दियों में अधिक संवेदनशील हो जाते हैं।
डॉक्टरों ने बताए जोड़ो की सुरक्षा के उपाय
1. शरीर को गर्म रखें
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ठंड में जोड़ो को गर्म रखने से दर्द काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। घुटनों, कोहनी और कलाई जैसे संवेदनशील हिस्सों को ढककर रखने के लिए ऊनी कपड़े, थर्मल्स और गर्म पैड का उपयोग करें। घर से बाहर निकलते समय जैकेट, दस्ताने और गर्म मोज़े अवश्य पहनें।
2. नियमित व्यायाम से जोड़ों को सक्रिय रखें
सर्दियों में लोग अक्सर व्यायाम करना कम कर देते हैं, लेकिन यही गलती दर्द बढ़ा सकती है। डॉक्टरों के अनुसार हल्की स्ट्रेचिंग, योग, सुबह की सैर और घर के अंदर किए जा सकने वाले व्यायाम जोड़ो की गतिशीलता बनाए रखते हैं। इससे मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ता है और रक्त प्रवाह सुधरता है।
3. गर्म पानी से स्नान और थेरेपी
गर्म पानी से नहाना, गर्म सिंकाई या हीट थैरेपी जोड़ों को आराम देती है। यह नसों और मांसपेशियों को रिलैक्स करती है और दर्द में त्वरित राहत देती है। कई लोग एप्सम सॉल्ट वाले गर्म पानी से स्नान को भी फायदेमंद मानते हैं।
4. पर्याप्त पानी पिएं
ठंड में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर में पानी की कमी होने पर जोड़ो की चिकनाई कम हो जाती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि जोड़ स्वस्थ रहें।
5. विटामिन D और कैल्शियम का ध्यान रखें
सर्दियों में सूरज कम निकलने के कारण विटामिन D का स्तर घट जाता है। यह हड्डियों और जोड़ो की मजबूती के लिए आवश्यक है। डॉक्टर धूप में बैठने, कैल्शियम युक्त भोजन लेने और जरूरत होने पर सप्लीमेंट्स के सेवन की सलाह देते हैं।
6. वजन नियंत्रित रखें
अधिक वजन वाले लोगों में घुटनों और टखनों पर दबाव बढ़ जाता है। सर्दियों में कई लोग कम गतिविधियों के कारण वजन बढ़ा लेते हैं। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से इसे नियंत्रित रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
7. मसाज और तेल की मालिश
गर्म तेल से मालिश जोड़ो का दर्द कम करती है और रक्त संचार को बेहतर करती है। सरसों, तिल और नारियल के तेल से हल्की मालिश सर्दियों में लाभकारी मानी जाती है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: दर्द को नज़रअंदाज़ न करें
डॉक्टरों का कहना है कि यदि जोड़ो का दर्द लगातार बना रहे, सूजन बढ़ जाए या चलने-फिरने में कठिनाई हो, तो इसे सामान्य ठंड का असर मानकर न छोड़ें। देर होने पर दर्द पुराना रूप ले सकता है और उपचार जटिल हो सकता है। अंत में विशेषज्ञ यही सलाह देते हैं कि—
“सर्दी में जोड़ो का दर्द बढ़ना सामान्य है, लेकिन सही देखभाल और जीवनशैली के माध्यम से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। जागरूकता और नियमित आदतें ही इस समस्या से बचाव की कुंजी हैं।”