Genetic switch : भारतीय वैज्ञानिकों ने गर्भाशय में ‘जेनेटिक स्विच’ का पता लगाया, गर्भावस्था में हो सकता है मददगार

Genetic switch नई दिल्ली:- भारतीय वैज्ञानिकों ने गर्भावस्था के लिये ‘जेनेटिक स्विच’ का पता लगाया है जो भ्रूण को गर्भाशय की दीवार से जुड़ने में मदद करता है। यह खोज गर्भावस्था की शुरुआत को समझने में महत्वपूर्ण है और इससे गर्भधारण में समस्याओं का समाधान हो सकता है।

जेनेटिक स्विच क्या है?

यह जेनेटिक स्विच दो जीन होक्सा10 और ट्विस्ट2 के बीच एक संतुलन है। होक्सा10 जीन गर्भाशय की दीवार को बंद रखता है, जबकि ट्विस्ट2 जीन इसे खोलता है। जब भ्रूण गर्भाशय की दीवार से जुड़ता है तो होक्सा10 जीन बंद हो जाता है और ट्विस्ट2 जीन सक्रिय हो जाता है जिससे गर्भाशय की दीवार नरम और लचीली हो जाती है और भ्रूण को अंदर जाने की अनुमति मिलती है ।

इस खोज का महत्व

इस खोज से गर्भधारण में समस्याओं का समाधान हो सकता जैसे कि बार-बार गर्भधारण में विफलता या गर्भावस्था के शुरुआती चरण में गर्भपात। यह खोज IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) की सफलता दर में भी सुधार कर सकती है ।

अध्ययन के बारे में

यह अध्ययन भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य संस्थान (NIRRCH), मुंबई; बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), वाराणसी, और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया था। अध्ययन के परिणाम कोशिकीय मृत्यु खोज पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।

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