पटना (बिहार) :- मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में पीजी की संख्या बढ़कर 204 हो गई है। अब यह सुविधा 22 जिलों में बहाल हो गयी है। एक नया जिला मधेपुरा भी इस सूची में शामिल हो गया है। 12 नई सीटें भी जुड़ गई हैं। पहले से राज्य के 21 जिलों में मेडिकल पीजी की पढ़ाई की स्वीकृति मिली हुई थी। मालूम हो कि प्रदेश में एमबीबीएस की सीटें तीन हजार से अधिक हैं। स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी के अनुसार डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) के तहत और 60 सीटों पर पीजी की पढ़ाई की स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इसका प्रस्ताव राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) के पास लंबित है। उम्मीद है कि जल्द ही इन सीटों पर भी स्वीकृति मिल जाएगी।
इससे राज्य के एमबीबीएस उत्तीर्ण विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों में जाने की विवशता नहीं होगी। वहीं, राज्य में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी भी दूर हो सकेगी। मालूम हो कि पीजी की कुल सीटों में 50 प्रतिशत बिहार के मेडिकल कॉलेजों से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रखी जाएंगी। विभाग की तैयारी राज्य के सभी जिला अस्पतालों और मेडकल कॉलेजों में पीजी की सीटें उपलब्ध करने की है। इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों की ओर से भी राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड को प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। गौरतलब है कि प्रदेश में 35 जिला अस्पताल हैं। वहीं, राज्य के दस मेडिकिल कॉलेजों में नौ संस्थानों में पीजी सीटों की स्वीकृति मिली हुई है।