Sheikh Hasina news ढाका:- बांग्लादेश की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया जब अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के ख़िलाफ़ अपराधों का दोषी ठहराते हुए फाँसी की सज़ा सुनाई। यह सज़ा पिछले साल हुए तख्तापलट के दौरान आरक्षण विरोधी छात्र आंदोलन को कुचलने के लिए निहत्थे नागरिकों की हत्या और हिंसा भड़काने के मामलों में दी गई है।
कोर्ट ने अपने विस्तृत फैसले में शेख हसीना पर 1400 से अधिक हत्याओं का दोषी माना है। उन पर यह भी आरोप साबित हुए हैं कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर घातक हमले करने के सीधे आदेश दिए जिसमें हेलिकॉप्टरों का उपयोग और गोलीबारी शामिल थी। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि हसीना ने न्याय को रोकने, हत्या का आदेश देने और दोषियों पर कार्रवाई न करने जैसे गंभीर अपराध किए। जस्टिस गुलाम मुर्तज़ा की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने 400 पन्नों से अधिक का फैसला सुनाते हुए वायरल ऑडियो को एक अहम सबूत माना। इस ऑडियो में शेख हसीना कथित तौर पर पुलिस प्रमुख को भीड़ पर गोली चलाने का निर्देश देती सुनाई दे रही हैं। इस फैसले के चलते हसीना की बांग्लादेश की राजनीति में वापसी के रास्ते लगभग बंद हो गए हैं।
भारत में रह रहीं हैं पूर्व प्रधानमंत्री
फैसला सुनाए जाने के समय शेख हसीना बांग्लादेश में मौजूद नहीं थीं। तख्तापलट के बाद 5 अगस्त 2024 को सत्ता गँवाने के बाद से ही वह देश से बाहर हैं और पिछले 15 महीनों से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हसीना की अनुपस्थिति में ही उनके ख़िलाफ़ मुकदमा चलाया और उन्हें ‘भगोड़ा’ घोषित किया गया था। इस फैसले के बाद, मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने भारत से उनके प्रत्यर्पण की अपील की है।
देशभर में तनाव
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद बांग्लादेश में तनाव का माहौल है। हसीना की पार्टी अवामी लीग ने पहले ही देशव्यापी बंद का आह्वान किया था। ढाका सहित कई शहरों में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं। कोर्ट के फैसले ने बांग्लादेश की राजनीति को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है।