नई दिल्ली :- राजामौली की नई फिल्म वाराणसी एक ऐसी भव्य कहानी लेकर आ रही है जिसमें प्राचीन रहस्य और आधुनिक संघर्ष का अद्भुत संगम दिखाई देगा। इस फिल्म की दुनिया वाराणसी की उन गलियों से शुरू होती है जहां समय जैसे ठहर जाता है और जहां हर मोड़ पर इतिहास की एक नई परत खुलती है। कहानी के केंद्र में एक युवा नायक है जिसे अचानक अपनी विरासत से जुड़े ऐसे रहस्य मिलते हैं जो मानव सभ्यता की दिशा बदल सकते हैं।
फिल्म में दिखाया गया है कि वाराणसी केवल एक शहर नहीं बल्कि ज्ञान शक्ति और अनंत ऊर्जा का केंद्र है। नायक एक ऐसी प्राचीन शक्ति से जुड़ता है जो सदियों से सुरक्षित रखी गई थी और जिसके उजागर होते ही कई शक्तिशाली ताकतें सक्रिय हो जाती हैं। दुनिया के अलग अलग हिस्सों से आए लोग उसे रोकने की कोशिश करते हैं क्योंकि इस ताकत के सामने विज्ञान भी छोटा पड़ जाता है।
कहानी में धार्मिक दर्शन वैज्ञानिक खोज और मानवीय भावनाओं का गहरा मेल है। वाराणसी की पौराणिकता के साथ आधुनिक विश्व की चुनौती फिल्म को एक पैन वर्ल्ड कैनवास देती है। नायक को न केवल अपने शहर बल्कि पूरी मानवता को बचाने के लिए साहस बुद्धिमत्ता और आत्मत्याग का परिचय देना पड़ता है।
राजामौली की यह फिल्म भारतीय संस्कृति की गहराई को ग्लोबल दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास है जिसमें अध्यात्म और रोमांच दोनों का शानदार मिश्रण होगा।