भारत और अमेरिका के बीच चल रही द्विपक्षीय व्यापार वार्ता अब पहले चरण में बंदफेज़ के करीब पहुँच चुकी है, पर उसका ऐलान तब तक नहीं होगा जब तक समझौता भारत के किसानों, मछुआरों व लघु उद्योगों के हितों को पूरी तरह सुरक्षित नहीं करेगा।
वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने मंगलवार को कहा कि दोनों देशों को एक “न्यायपूर्ण, संतुलित एवं बराबरी पर आधारित समझौता” है बनाने की दिशा में काम हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर यह शर्तें नहीं पूरी होंगी तो भारत समझौते पर नहीं जाएगा।
थप जानकारी में यह भी सामने आया है कि यह समझौता मुख्यत: अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी शुल्कों (जैसे 25 % + 25 % अतिरिक्त) से भारतीय वस्तुओं को राहत देने के लिए है।
अगर यह पहले ट्राँचे में सफल हुआ, तो इस समझौते का लक्ष्य है 2030 तक भारत-अमेरिका के बीच व्यापार को वर्तमान लगभग US $191 बिलियन से लगभग US $500 बिलियन तक ले जाना।
भारत को इस मौके पर अपना आंतरिक संतुलन बनाए रखना होगा — किसानों के समर्थन में, छोटे व्यवसायों की रक्षा में, और रणनीतिक रूप से अपने सामने आने वाले लाभ-हानि को भाँपते हुए आगे बढ़ना होगा। समझौते के समय और विस्तृत शर्तें अभी स्पष्ट नहीं हुई हैं, लेकिन वार्ता की छठीं दौर भी पूरी हो चु
की है।