Madvi Hidma आंध्र प्रदेश:- आंध्र प्रदेश में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में माओवादी नेता मदवी हिड़मा की मौत हो गई है। हिड़मा के पास केवल 35-40 राउंड AK-47 राउंड बचे थे जब वह मारा गया। वह माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं में से एक था और कई हिंसक हमलों में शामिल था।
हिड़मा का जीवन और कारोबार
मदवी हिड़मा का जन्म 1981 में छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में हुआ था। वह 1996 में माओवादी संगठन में शामिल हुआ और जल्द ही शीर्ष पदों पर पहुंच गया। वह माओवादी संगठन की केंद्रीय समिति का सदस्य था और कई हिंसक हमलों का मास्टरमाइंड था जिनमें 2010 का दंतेवाड़ा हमला और 2013 का झीरम घाटी हमला शामिल है।
मुठभेड़ और मौत
हिड़मा की मौत आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हुई। सुरक्षा बलों ने हिड़मा और उसके साथियों को घेर लिया था और उन्हें आत्मसमर्पण करने के लिए कहा था। लेकिन हिड़मा ने आत्मसमर्पण करने से इनकार कर दिया और सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया। इस मुठभेड़ में हिड़मा और उसकी पत्नी राजे सहित छह माओवादी मारे गए।
सुरक्षा बलों की जीत
हिड़मा की मौत को सुरक्षा बलों की बड़ी जीत माना जा रहा है। यह माओवादी संगठन के लिए एक बड़ा झटका है और यह दिखाता है कि सुरक्षा बल माओवादियों के खिलाफ अपनी लड़ाई में कितने मजबूत हैं। सुरक्षा बलों ने हिड़मा के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है और यह दिखाया है कि वे माओवादियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे।