नई दिल्ली :- जुबिन गर्ग भारतीय संगीत जगत का वह नाम है जिसने अपनी अनोखी आवाज और दिल को छू लेने वाली प्रस्तुति से करोड़ों दिलों में जगह बनाई। आज भले ही वह हमारे बीच मौजूद नहीं हैं लेकिन उनका संगीत आज भी उतना ही ताज़ा उतना ही जीवंत और उतना ही प्रभावी महसूस होता है। खासकर वह गाना जिसने बॉलीवुड में उनके करियर को नई उड़ान दी और जो आज भी आशिकों के दिलों की पहली पसंद बना हुआ है।
इस गाने ने भारतीय युवाओं की भावनाओं को जिस तरह आवाज दी वह बहुत कम कलाकार कर पाते हैं। यह गीत सिर्फ एक धुन नहीं बल्कि अपनी तरह की एक अनुभूति था जिसमें दर्द था मोहब्बत थी तड़प थी और साथ ही आशा की एक धीमी लेकिन स्थिर लौ भी थी। इस गीत ने जुबिन गर्ग को रातों रात हर घर का नाम बना दिया। चाहे कॉलेज कैंपस हों या शहरों की गलियां हर जगह यह गीत गूंजता था और लोग इसकी हर पंक्ति को महसूस करते हुए इसे गुनगुनाते थे।
जुबिन गर्ग की आवाज में एक प्राकृतिक कशिश थी जो बिना किसी प्रयास के श्रोताओं के दिल तक पहुंच जाती थी। उनकी गायकी में एक ऐसा जादू था जो सुनने वाले को अपनी दुनिया में खींच लेता था। उनकी इसी खासियत ने इस गाने को सदाबहार बना दिया। सालों बाद भी जब यह गीत बजता है तो पुरानी यादें लौट आती हैं और दिल एक नयी धड़कन महसूस करता है।
जुबिन गर्ग ने अपने करियर में हजारों गाने गाए लेकिन यह गीत उनका सबसे पहचान भरा चिह्न बन गया। इस गाने ने उन्हें न सिर्फ स्टार बनाया बल्कि उन्हें उन कलाकारों की श्रेणी में खड़ा कर दिया जो समय के साथ नहीं मिटते। उनकी अनोखी आवाज आज भी हमारे दिलों में बसती है और उनका यह गीत संगीत प्रेमियों के लिए हमेशा एक खास एहसास बना रहेगा।