सनातन धर्म में अमावस्या तिथि को पितरों को कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है। इस बार मार्गशीर्ष महीने की अमावस्या कल 20 नवंबर को मनाई जाएगी। यह शुभ एवं पावन तिथि पितरों को समर्पित है। इस खास अवसर पर पितृ दोष से छुटकारा पाने के लिए स्नान, दान, तर्पण आदि का बहुत महत्व बताया गया है। इसी के साथ मार्गशीर्ष अमावस्या की रात जलाया गया एक दीपक व्यक्ति के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है।
ऐसा कहा जाता है कि, भाग्य का अंधेरा तभी छंटता है जब व्यक्ति दीपक जलाने का संकल्प ले। मार्गशीर्ष अमावस्या ऐसा ही दिव्य अवसर प्रदान करती है। ऐसे में आइए जानते हैं मार्गशीर्ष अमावस्या कहां-कहां जलाना चाहिए दीपक-
पीपल के वृक्ष के नीचे जलाए दीपक
ज्योतिष एवं वास्तुशास्त्र के अनुसार, पितृ कृपा पाने के लिए मार्गशीर्ष अमावस्या की शाम सरसों तेल का एक दीपक जालकर पीपल के वृक्ष के नीचे रखें। कहा जाता है कि इससे पितृ दोष शांत होता है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है साथ ही जीवन का अंधकार दूर होता है।
तुलसी मंजरी डालकर एक दीपक जलाएं
रोग-दोष से मुक्ति के लिए मार्गशीर्ष अमावस्या पर दीपक में घी और तुलसी की मंजरी डालकर एक दीपक जलाएं और इसे भगवान विष्णु के समक्ष रख दें। इस उपाय से रोग, बीमारी और दोषों से मुक्ति मिलती है।