नई दिल्ली :- सहारा इंडिया के निवेशक बेसब्री से अपनी मेहनत की कमाई का इंतजार कर रहे हैं। लंबे इंतजार के बाद भी निवेशकों को उनकी मेहनत की कमाई वापिस नहीं मिल रही है। वहीं इस बीच सहारा इंडिया को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह की कंपनी की ओर से दायर याचिका जिसमें अदाणी समूह को अपनी कुछ संपत्तियां बेचने की अनुमति मांगी गई है.. को लेकर सुनवाई छह सप्ताह के लिए टाल दी है,,, अदालत ने मामले में केंद्र सरकार से भी जवाब मांगा है। इस बीच केंद्र सरकार ने वित्तीय संकट से जूझ रही सहारा इंडिया कमर्शियल कारपोरेशन लिमिटेड की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए और समय मांगा है।
मामले की सुनवाई छह हफ्ते के लिए टली
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश की पीठ के सामने समय की मांग का अनुरोध किया था। अदालत ने अनुरोध स्वीकार कर लिया और मामले की सुनवाई छह हफ्ते के लिए टाल दी गई है। इसके अलावा सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह भी अनुरोध किया कि वित्त मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय को भी कार्यवाही में पक्षकार बनाया जाए, क्योंकि उन्होंने सहारा समूह की संस्थाओं में निवेश किया था या उनसे आर्थिक रूप से संबद्ध थीं। सरकार का तर्क है कि सहारा ग्रुप की कई सहकारी समितियों का पैसा इसमें फंसा हुआ है। इसका सीधा संबंध आम निवेशकों से है।