अपने आसपास देखेंगे तो पाएंगे कि ज्यादातर लोग डायबिटीज, बीपी, फैटी लीवर या मोटापे की समस्या से परेशान हैं। कभी आपने सोचा है कि इसके पीछे का कारण क्या है? हां, खराब लाइफस्टाइल एक वजह है, लेकिन कोई बीमारी अचानक नहीं होती, बल्कि पहले कुछ संकेत देती है। गुरुग्राम के जाने-माने बैरिएट्रिक सर्जन डॉ अंशुमन कौशल बताते हैं कि भारत जिस बीमारी से सबसे ज्यादा जूझ रहा है, वो ना तो मोटापा है और ना ही डायबिटीज। बल्कि असली बीमारी है ‘मेटाबॉलिक सिंड्रोम’, जो साइलेंट अटैकर की तरह काम करती है। ये एक साथ कई बड़ी बीमारियों जैसे बीपी, डायबिटीज, फैटी लीवर और यहां तक कि हार्ट अटैक जैसी समस्याओं का दरवाजा खोल देती है। ज्यादातर भारतीय इस सिंड्रोम के शिकार हैं और उन्हें पता भी नहीं है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
क्या है मेटाबॉलिक सिंड्रोम?
डॉ अंशुमन बताते हैं कि आज भारत में सबसे ज्यादा लोग मेटाबॉलिक सिंड्रोम के शिकार हैं, जो बाकी सभी बीमारियों का दरवाजा खोल देता है। मेटाबॉलिक सिंड्रोम का मतलब है कि आपकी बॉडी इंसुलिन रेजिस्टेंस मोड पर है, हार्मोंस ओवरलोडेड हैं, लिवर इन्फ्लेम्ड हैं और फैट स्टोरेज हाइपर मोड पर है। कुल मिलकर कहें तो ये एक मेटाबॉलिक ट्रैफिक जाम की तरह है, जो शरीर को अंदर से खराब कर देता है।