Presidential refrence नई दिल्ली:- सुप्रीम कोर्ट आज राष्ट्रपति के संदर्भ पर अपना फैसला सुनाएगा जिसमें पूछा गया है कि क्या राज्यपालों और राष्ट्रपति को राज्य विधानमंडलों द्वारा पारित विधेयकों पर मंजूरी देने के लिए समय सीमा तय की जा सकती है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मई में सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में अपनी राय मांगी थी जिसमें 14 प्रश्न शामिल ।
राष्ट्रपति के संदर्भ के पीछे की कहानी
यह मामला तमिलनाडु सरकार द्वारा राज्यपाल आरएन रवि के खिलाफ दायर एक याचिका से जुड़ा है जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने राज्य विधानमंडल द्वारा पारित विधेयकों पर मंजूरी देने में देरी की है। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल में एक ऐतिहासिक फैसले में राज्यपालों और राष्ट्रपति को विधेयकों पर मंजूरी देने के लिए तीन महीने की समय सीमा तय की थी।
सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 10 दिनों तक चली सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की थी।
राष्ट्रपति के 14 प्रश्न
राष्ट्रपति मुर्मू ने सुप्रीम कोर्ट से 14 प्रश्न पूछे थे जिनमें से कुछ प्रमुख प्रश्न हैं:
– क्या राज्यपालों और राष्ट्रपति को विधेयकों पर मंजूरी देने के लिए समय सीमा तय की जा सकती है?
– क्या राज्यपालों को विधेयकों पर मंजूरी देने के लिए मंत्रिमंडल की सलाह का पालन करना अनिवार्य है?
– क्या सुप्रीम कोर्ट राज्यपालों और राष्ट्रपति के निर्णयों की समीक्षा कर सकता है?
आज सुप्रीम कोर्ट का फैसला इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।