काठमांडू (नेपाल):- नेपाल के मधेश प्रदेश में बुधवार का दिन अचानक अशांत हो गया जब नई पीढ़ी के युवाओं ने सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह विरोध धीरे धीरे इतना उग्र हो गया कि बारा जिले के कई क्षेत्रों में तनाव फैल गया। Gen Z कार्यकर्ताओं और CPN UML समर्थकों के बीच हुई तीखी झड़प ने माहौल को और गंभीर बना दिया। दोनों पक्षों की नाराजगी और आरोप प्रत्यारोप से स्थिति तेजी से बिगड़ती चली गई और देखते ही देखते पूरे इलाके में अराजकता जैसा वातावरण बन गया।
जैसे ही प्रशासन को हालात अनियंत्रित होते दिखे वैसे ही सिमरा और आसपास के क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाने का निर्णय लिया गया। कर्फ्यू का उद्देश्य हिंसा को रोकना और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से जनता को सुरक्षित रखना था। प्रशासन ने सुरक्षा बलों को भी तैनात कर दिया ताकि उग्र भीड़ पर नियंत्रण पाया जा सके।
स्थानीय लोगों के अनुसार नई पीढ़ी के युवाओं का यह प्रदर्शन उनके बदलते सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है। Gen Z वर्ग अपने विचारों और अधिकारों के प्रति अधिक मुखर होता जा रहा है। उनकी मांगों को गंभीरता से न सुने जाने पर असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है। वहीं दूसरी ओर CPN UML समर्थकों का यह मानना है कि यह विरोध अनावश्यक और उकसावे की राजनीति का परिणाम है।
तनाव की स्थिति ने व्यापार परिवहन और दैनिक जीवन को प्रभावित किया है। बाजार बंद हो गए हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। प्रशासन फिलहाल शांति बहाल करने की कोशिशों में जुटा है और संवाद स्थापित करने की तैयारी कर रहा है।
आने वाले दिनों में कर्फ्यू में ढील दी जाएगी या नहीं यह हालात पर निर्भर करेगा। फिलहाल पूरा क्षेत्र इस उम्मीद में है कि तनाव जल्द कम हो और सामान्य जीवन फिर से पटरी पर लौट आए।