पटना (बिहार) :- बिहार में नई सरकार के गठन के बाद मंत्रालयों का बंटवारा पूरा हो चुका है और अब प्रशासनिक कामकाज को नई गति देने की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार परिस्थितियां इसलिए भी खास हैं क्योंकि पहली बार भाजपा को गृह विभाग की जिम्मेदारी मिली है। यह बदलाव राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह विभाग का कार्यभार सौंपकर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सम्राट चौधरी के पास पहले से संगठनात्मक अनुभव भी है जिससे उम्मीद की जा रही है कि वे पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा ढांचे में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।
दूसरी ओर उद्योग जगत को नई दिशा देने के उद्देश्य से दिलीप जायसवाल को उद्योग मंत्री बनाया गया है। राज्य की आर्थिक प्रगति काफी हद तक औद्योगिक निवेश पर निर्भर करती है और इस विभाग को सक्रिय करने से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। दिलीप जायसवाल के सामने निवेश माहौल को मजबूत बनाना और नई औद्योगिक नीतियों को प्रभावी तरीके से लागू करना मुख्य चुनौती होगी।
कृषि विभाग की जिम्मेदारी रामकृपाल यादव को मिली है। बिहार का बुनियादी ढांचा कृषि आधारित है और किसानों की आय बढ़ाना सरकार के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है। रामकृपाल यादव से उम्मीद है कि वे सिंचाई साधनों को मजबूत करेंगे और आधुनिक खेती को बढ़ावा देंगे। अगर कृषि क्षेत्र मजबूत होगा तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी बेहतर होगी।
खनन विभाग को विजय कुमार सिन्हा के हवाले किया गया है। इस क्षेत्र में पारदर्शिता और नियमन को मजबूत करने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अब उम्मीद है कि खनन कारोबार को व्यवस्थित किया जाएगा और अवैध खनन पर नियंत्रण बढ़ाया जाएगा।
इन नए दायित्वों के साथ बिहार सरकार प्रशासन को नई दिशा देने और विकास योजनाओं को तेज गति से आगे बढ़ाने की तैयारी में जुट गई है।