नई दिल्ली :- भारत और इजरायल के बीच मजबूत संबंधों की नींव दशकों पहले रखी गई थी और अब यह दोस्ती एक नए कारोबारी दौर में प्रवेश कर चुकी है। तेल अवीव में आज एक ऐसी ऐतिहासिक घटना घटी है जिसने दोनों देशों के बीच सहयोग की दिशा को और भी व्यापक बना दिया है। यह नया अध्याय न केवल आर्थिक विकास को गति देगा बल्कि तकनीकी नवाचार और रणनीतिक साझेदारी को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
भारत और इजरायल दोनों ही वैश्विक तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। ऐसे में उनका आपसी सहयोग कई उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा करता है। इस नए समझौते के तहत दोनों देश कृषि रक्षा नवाचार जल प्रबंधन ऊर्जा शोध और तकनीकी विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इससे न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को फायदा होगा बल्कि विश्व स्तर पर स्थिर और सुरक्षित तकनीकी समाधान उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
इस साझेदारी का उद्देश्य पारस्परिक निवेश को बढ़ावा देना और उद्योगों के बीच गहन सहयोग स्थापित करना है। भारत अपनी बड़ी युवा जनसंख्या और तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था के कारण इजरायल के लिए एक मजबूत साझेदार बन रहा है। वहीं इजरायल अपनी उन्नत तकनीकों और नवाचार क्षमता के चलते भारत की उद्योगिक जरूरतों को पूरा करने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है।
यह नया अध्याय दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होगा। इससे नए रोजगार अवसर पैदा होंगे और स्टार्टअप तथा उभरते उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। इस साझेदारी के माध्यम से भारत और इजरायल यह संदेश भी देते हैं कि वैश्विक विकास सहयोग और नवाचार के आधार पर ही संभव है।
भारत और इजरायल का यह नया कारोबारी रिश्ता भविष्य की संभावनाओं को मजबूत बनाने वाला है और आने वाले वर्षों में इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे।