Humidity नई दिल्ली:- हाल के अध्ययनों से पता चला है कि आर्द्रता, तापमान में बदलाव और घर के अंदर के वातावरण में मौजूद सूक्ष्मजीव श्वसन संक्रमण के प्रसार को बढ़ावा दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान और आर्द्रता में बदलाव से श्वसन प्रणाली की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली प्रभावित होती है जिससे वायरस और बैक्टीरिया का प्रसार आसान हो जाता है।
आर्द्रता का प्रभाव
आर्द्रता का स्तर श्वसन संक्रमण के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब आर्द्रता का स्तर 60-70% से अधिक होता है तो वायरस जैसे कि इन्फ्लूएंजा की सतह पर जीवित रहने की क्षमता बढ़ जाती है। इसके अलावा आर्द्रता के उच्च स्तर से फंगी और बैक्टीरिया की वृद्धि भी होती है श्वसन संक्रमण के प्रसार को बढ़ावा देते हैं।
तापमान में बदलाव
तापमान में बदलाव भी श्वसन संक्रमण के प्रसार को प्रभावित करता है। जब तापमान में अचानक बदलाव होता है तो श्वसन प्रणाली की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है जिससे वायरस और बैक्टीरिया का प्रसार आसान हो जाता है।
श्वसन संक्रमण के लक्षण
श्वसन संक्रमण के लक्षणों में शामिल हैं:
– खांसी
– जुकाम
– बुखार
– सांस लेने में कठिनाई
– छाती में दर्द
श्वसन संक्रमण से बचाव
श्वसन संक्रमण से बचाव के लिए निम्नलिखित उपाय अपनाए जा सकते हैं:
– घर के अंदर आर्द्रता का स्तर 40-60% रखें
– तापमान को स्थिर रखें
– घर को नियमित रूप से साफ करें
– हाथों को नियमित रूप से धोएं
– श्वसन संक्रमण के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करें।