नई दिल्ली :- शुक्रवार की सुबह कमोडिटी मार्केट में एक बड़ा उतार देखने को मिला जब चांदी और सोने दोनों की कीमतों में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई। जैसे ही बाजार ने आज के कारोबार की शुरुआत की निवेशकों और ट्रेडरों को बेहद चौंकाने वाले बदलाव महसूस हुए। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अर्थव्यवस्था और जियोपॉलिटिकल हालात लगातार उतार चढ़ाव से गुजर रहे हैं।
सुबह नौ बजकर चालीस मिनट पर चांदी की कीमतों में एक किलो पर दो हजार बासठ रुपये की गिरावट दिखाई दी जिसने बाजार की हालत को पल भर में बदल दिया। चांदी की तेज बिकवाली से यह संकेत भी मिलने लगे कि निवेशक अभी सुरक्षित विकल्पों की तलाश में हैं या फिर वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों का सीधा असर घरेलू बाजार के रुझानों पर पड़ रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी भी हो सकती है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में चांदी ने कई बार उतार चढ़ाव के बाद तेजी भी दिखाई है।
सोने के कारोबार में भी गिरावट का रुख देखने को मिला जब एक ही समय में दस ग्राम सोना तीन सौ रुपये से ज्यादा नीचे आ गया। सोने को हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है लेकिन आज की गिरावट इस बात का संकेत है कि बाजार फिलहाल अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। महंगाई दर में बदलाव डॉलर इंडेक्स में उतार चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय मांग की कमी जैसे कारक सोने की कीमतों पर असर डाल रहे हैं।
ट्रेडरों के अनुसार अगले कुछ दिनों में कीमतों की दिशा काफी हद तक वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार स्थिर होते हैं तो सोना और चांदी दोनों में तेजी वापस आ सकती है। हालांकि फिलहाल निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता बरतने का है क्योंकि अनिश्चित रुझानों के बीच जल्दबाजी में लिया गया फैसला नुकसानदेह साबित हो सकता है।
कुल मिलाकर आज का दिन उन निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है जो कीमती धातुओं में दीर्घकालीन निवेश की रणनीति रखते हैं क्योंकि हर गिरावट अवसर भी दे सकती है यदि निर्णय सही समय पर लिया जाए।