ATM Heist बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में हाल ही में हुई एटीएम कैश वैन से 7.11 करोड़ रुपये की सनसनीखेज डकैती की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में गोविंदपुरा पुलिस स्टेशन में तैनात एक कार्यरत पुलिस कांस्टेबल सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से लूट की 5.76 करोड़ रुपये की नकदी भी बरामद की है। यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस बड़ी डकैती के पीछे मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं होने की बात गलत थी और वास्तव में यह एक सुनियोजित अंदरूनी मिलीभगत का मामला था। पुलिस कमिश्नर सीमंत कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में कांस्टेबल के अलावा एक आरोपी कंपनी का पूर्व कर्मचारी है। जांच में सामने आया कि कंपनी के इस पूर्व कर्मचारी ने ही कांस्टेबल और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर डकैती की पूरी साजिश रची थी।
फिल्मी स्टाइल में दी गई थी वारदात को अंजाम
यह घटना बुधवार दोपहर की है जब CMS कंपनी की कैश वैन 7.11 करोड़ रुपये लेकर HDFC बैंक से एटीएम में कैश डालने जा रही थी। बदमाशों ने दक्षिण बेंगलुरु के एक व्यस्त फ्लाईओवर के पास वैन को रोक लिया और खुद को आयकर (Income Tax) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकारी बताकर कर्मचारियों को धमकाया। उन्होंने वैन में रखे सारे पैसे लेकर अपनी इनोवा कार में शिफ्ट किए और फरार हो गए।
मोबाइल टावर डेटा ने खोली पोल
शुरुआत में, ऐसा माना गया था कि लुटेरों ने किसी भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया, जिससे पुलिस को उन्हें ट्रैक करने में मुश्किल हो रही थी। हालांकि पुलिस की 11 विशेष टीमों ने जब घटनास्थल के आसपास के मोबाइल टावर डेटा की जांच की और उस समय सक्रिय सभी नंबरों को खंगाला, तो उन्हें एक बड़ा सुराग मिला। जांच में सामने आया कि डकैती के दौरान कांस्टेबल और कंपनी के पूर्व कर्मचारी ने कई बार आपस में फोन पर बात की थी। उनके कॉल रिकॉर्ड्स से पता चला कि वे घटना से कुछ दिन पहले से ही लगातार संपर्क में थे। इस तकनीकी जांच ने ही अंदरूनी मिलीभगत का पर्दाफाश किया।