नई दिल्ली :- नवंबर का महीना अपने अंतिम दिनों में पहुंच चुका है पर दिल्ली एनसीआर का मौसम अब भी पूरी तरह से बदला हुआ नहीं दिख रहा है। आमतौर पर इस समय तक सुबह शाम की ठिठुरन महसूस होने लगती है और लोग गर्म कपड़ों की ओर रुख कर लेते हैं मगर इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग है। दिन में धूप की तीखी तपिश लोगों को सितंबर और अक्टूबर की याद दिला रही है। सड़कों पर चलने वालों को दोपहर के समय गर्म हवाओं और तेज धूप का सामना करना पड़ रहा है जिससे ठंड का एहसास लगभग खत्म सा हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार इस असामान्य बदलाव की वजह हवा की दिशा में लगातार होने वाले परिवर्तन और दूरदराज क्षेत्रों में हो रही वायुमंडलीय उथल पुथल है। पहाड़ी इलाकों में उम्मीद के अनुसार बर्फबारी न होने के कारण उत्तर भारत में ठंडी हवाओं का आगमन धीमा पड़ गया है। इसका सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है जहां नवंबर के आखिरी दिनों में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है।
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सुबह के समय हल्की ठंड तो महसूस होती है पर दोपहर तक धूप की गर्मी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रही है। बच्चे और बुजुर्ग इस बदलते मौसम के कारण असहज महसूस कर रहे हैं क्योंकि इस समय वायरल संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि तापमान में असामान्य उतार चढ़ाव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम के अनुसार अपने खानपान और दिनचर्या में बदलाव करें। सुबह शाम हल्की गर्म कपड़े पहनें और दोपहर के समय धूप से बचें। पानी की पर्याप्त मात्रा लें और संक्रमण से बचने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें। मौसम चाहे कैसे भी बदले पर सतर्क रहना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है ताकि स्वास्थ्य सुरक्षित बना रहे।