कर्नाटक :- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा जिसका उद्देश्य राज्य के किसानों की बदलती चुनौतियों को समाधान प्रदान करना है। यह पत्र न केवल राज्य की मौजूदा कृषि स्थिति को सामने रखता है बल्कि उन फैसलों की मांग भी करता है जो केवल केंद्र सरकार की मदद से ही संभव हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि किसानों को बाजार के उतार चढ़ाव और मौसम की अनिश्चितताओं से सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए तुरंत ठोस कदम उठाए जाने जरूरी हैं।
मुख्यमंत्री ने MSP को लेकर खास चिंता जताई है और आग्रह किया है कि NAFED FCI और NCCF के माध्यम से MSP पर खरीद तुरंत शुरू की जाए ताकि किसानों की आमदनी सुरक्षित रहे और उन्हें मजबूरन अपनी फसल औने पउने दामों पर न बेचनी पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि इथेनॉल सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है इसलिए जरूरी है कि इथेनॉल प्लांट सीधे किसानों से मक्का खरीदें ताकि बिचौलियों की दखल खत्म हो सके और किसानों को बेहतर दाम मिले।
मुख्यमंत्री ने कर्नाटक के लिए इथेनॉल एलोकेशन बढ़ाने की भी मांग की है ताकि राज्य में उत्पादन चेन मजबूत हो सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिले। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि खराब मौसम से फसल की गुणवत्ता पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए मूंग की क्वालिटी से जुड़े नियमों में ढील दी जाए ताकि किसान छोटे छोटे तकनीकी कारणों से नुकसान का सामना न करें।
इन सबके साथ मुख्यमंत्री ने ऐसे कई मामलों पर केंद्र की सीधी हस्तक्षेप की आवश्यकता बताई है जो केवल केंद्र स्तर पर ही हल किए जा सकते हैं। उनका यह पत्र किसानों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने का प्रयास है और यह दर्शाता है कि कर्नाटक सरकार अपने किसानों की सुरक्षा और समृद्धि के लिए कितनी गंभीर है।