लखनऊ (उत्तर प्रदेश):- उत्तर प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे परिवहन ढांचे में गंगा एक्सप्रेस वे एक नया अध्याय जोड़ने जा रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह विशाल एक्सप्रेस वे अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। इस मार्ग के शुरू होने के बाद राज्य के लाखों यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने वाली है क्योंकि लंबी दूरी का सफर अब बेहद कम समय में पूरा करना संभव होगा।
कुल दूरी लगभग पांच सौ चौरानवे किलोमीटर है जिसे पूरा करने में पहले दस से बारह घंटे लग जाते थे। लेकिन एक्सप्रेस वे के संचालन के बाद यह सफर मात्र छह घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे रोड ट्रैवल न केवल सुगम होगा बल्कि यातायात का दबाव भी काफी हद तक कम होगा। राज्य सरकार का कहना है कि यह एक्सप्रेस वे प्रदेश के औद्योगिक आर्थिक और पर्यटन विकास को नई ऊर्जा देगा।
तीसरे खंड में उन्नाव से हल्द्वानी सेक्शन का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है और केवल कुछ प्रतिशत कार्य शेष है। इस चरण के पूरा होते ही पूरी परियोजना अंतिम रूप ले लेगी। एक्सप्रेस वे पर बने आधुनिक पुल सुरक्षित लेन और मजबूत सड़क संरचना इसे देश की उन्नत परियोजनाओं में शामिल करेगी।
इस मार्ग के शुरू होने से यात्रा के दौरान समय की बचत ऊर्जा की बचत और ईंधन की बचत तीनों ही मिलेंगी। व्यापारी छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह एक्सप्रेस वे राहत का माध्यम बनने जा रहा है क्योंकि उन्हें लंबी दूरी के सफर में कम परेशानी और अधिक सुविधा मिलेगी।
प्रदेश में बड़े प्रोजेक्टों की श्रृंखला में गंगा एक्सप्रेस वे को एक परिवर्तनकारी कदम माना जा रहा है। यह न केवल शहरों को जोड़ेगा बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा। उम्मीद की जा रही है कि इसके शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश में यात्रा का अनुभव और अधिक तेज सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगा।