26/11 मुंबई:- 26/11 मुंबई हमले को 17 साल हो चुके हैं लेकिन उस रात की दर्दनाक यादें अभी भी जीवित हैं। उस रात की कहानी बताती हैं देविका रोटावन, जो उस हमले में घायल हुई थीं। देविका ने बताया कि कैसे अजमल कसाब ने उन गोली चलाई थी और कैसे उन्होंने उस दर्दनाक रात को सहा है।
देविका ने बताया कि वह अपने पिता और भाई के साथ चतुरपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर खड़ी थीं जब अजमल कसाब ने गोलीबारी शुरू कर दी। देविका को उनकी दाहिनी पैर में गोली लगी थी जिससे उनकी हड्डी टूट गई थी। उन्होंने बताया कि उस रात की यादें अभी भी उनके दिमाग में ताजा हैं और वह कभी भी उस दर्द को भूल नहीं सकती हैं। देविका ने बताया कि उन्होंने अजमल कसाब को अदालत में पहचान लिया था और उनकी गवाही के आधार पर कसाब को फांसी की सजा सुनाई गई थी। देविका ने बताया कि वह अभी भी अपने पैर में दर्द महसूस करती हैं और उन्हें लगता है कि आतंकवाद को खत्म करना होगा ।
देविका की कहानी
देविका रोटावन उस वक्त सिर्फ 9 साल की थीं जब अजमल कसाब ने उन पर गोली चलाई थी। देविका ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह उस दर्दनाक रात को सह पाएंगी लेकिन उनके परिवार और डॉक्टरों की मदद से वह उस दर्द से उबर पाईं। देविका ने बताया कि वह अभी भी अपने पैर में दर्द महसूस करती हैं लेकिन वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हैं।