नई दिल्ली :- तेजस नेटवर्क्स के शेयर पिछले कुछ महीनों से लगातार दबाव में दिखाई दे रहे हैं और इसका असर निवेशकों के विश्वास पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। कंपनी ने पिछले वर्ष मजबूत प्रदर्शन का संकेत दिया था लेकिन हालिया महीनों में शेयर की गिरती कीमत ने बाजार में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को बीएसई में कंपनी के शेयर फिसलकर चार सौ छिहत्तर रुपये पंद्रह पैसे तक पहुंच गए जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है। यह गिरावट बिना रुके जारी रहने से शेयर बाजार में इस कंपनी के भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं होने लगी हैं।
विश्लेषकों के अनुसार तेजस नेटवर्क्स पर दबाव की मुख्य वजह उसकी वित्तीय स्थिति में आई सुस्ती और कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में अपेक्षित प्रगति न होना है। दूरसंचार और नेटवर्किंग क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव ने भी कई कंपनियों को नई चुनौतियों के सामने खड़ा कर दिया है। प्रतिस्पर्धा के बढ़ने और नई तकनीकों में लगातार निवेश की जरूरत ने कंपनी के मार्जिन पर असर डाला है। इन कारणों से निवेशकों का रुझान धीरे धीरे अन्य विकल्पों की ओर बढ़ रहा है जिससे शेयर कीमत पर अतिरिक्त दबाव बन रहा है।
तेजस नेटवर्क्स देश की तकनीकी क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कंपनियों में से एक है और लंबे समय से इसके उत्पाद और सेवाएं कई सरकारी और निजी प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रही हैं। हालांकि हालिया गिरावट कंपनी के मौजूदा कारोबारी माहौल को चुनौतीपूर्ण दर्शाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी को अपनी रणनीति में बदलाव करना होगा और नई तकनीकों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हुए वित्तीय प्रदर्शन मजबूत करना होगा। इसके साथ साथ ऑर्डर बुक को बढ़ाना और समय पर प्रोजेक्ट पूरे करना बेहद जरूरी है ताकि निवेशकों का भरोसा वापस हासिल किया जा सके।
निवेशकों के लिए यह समय सावधानी बरतने का है क्योंकि तेजस नेटवर्क्स के शेयर में लगातार उतार चढ़ाव बना हुआ है। लंबी अवधि वाले निवेशक अब कंपनी के अगले तिमाही परिणामों और रणनीतिक कदमों का इंतजार कर रहे हैं ताकि यह समझा जा सके कि कंपनी इस गिरावट से बाहर निकल पाएगी या नहीं। बाजार का माहौल अभी अनिश्चित है लेकिन सही सुधार प्रयासों के साथ कंपनी वापसी कर सकती है। फिलहाल निवेशकों की निगाहें कंपनी की आने वाली घोषणाओं और समग्र प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।