Poll loss मुंबई:- महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में हार के बाद महाविकास अघाड़ी (एमवीए) को बड़ा झटका लगा है। एमवीए के 43 उम्मीदवार जो चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे थे न्होंने महायुति का दामन थाम लिया है। इनमें से अधिकांश उम्मीदवार भाजपा में शामिल हुए हैं।
एमवीए में शामिल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) और एनसीपी (शरद पवार) के उम्मीदवारों ने महायुति का साथ देने का फैसला किया है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के 19 उम्मीदवार महायुति में शामिल हुए हैं, जबकि एनसीपी (शरद पवार) के 13 उम्मीदवारों ने भी महायुति का दामन थाम लिया है एमवीए की हार के बाद यह बड़ा झटका माना जा रहा है। एमवीए ने चुनाव में 51 सीटें जीती थीं जबकि महायुति ने 200 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाई है। एमवीए की हार के कारणों में से एक यह भी माना जा रहा है कि उन्होंने चुनाव में एकजुट होकर प्रचार नहीं किया और उनके उम्मीदवारों में आपसी मतभेद थे।
एमवीए की हार के कारण:
– एकजुट प्रचार की कमी
– उम्मीदवारों में आपसी मतभेद
– महायुति की मजबूत प्रचार रणनीति
महायुति की जीत के कारण:
– मजबूत प्रचार रणनीति
– एकजुट प्रचार
– एमवीए की कमजोरियों का फायदा उठाना
इस बीच मवीए के नेताओं ने अपनी हार के कारणों की जांच करने और भविष्य की रणनीति बनाने का फैसला किया है।