दिल्ली धमाका केस में बड़ा खुलासा सात दिन की रिमांड पर शोएब से खुलेंगे कई राज जांच एजेंसियां सतर्क

नई दिल्ली :- दिल्ली धमाका मामले की जांच एक नए मोड़ पर पहुंच गई है क्योंकि एनआईए ने शोएब को सात दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शोएब पर आरोप है कि उसने आतंकी उमर को छिपाने में मदद की और उसे नूंह में अपनी साली के घर में रहने की व्यवस्था कराई। यह वही समय था जब मुजम्मिल की गिरफ्तारी हो चुकी थी और सुरक्षा एजेंसियां नेटवर्क को तोड़ने के लिए सक्रिय थीं।

जांच अधिकारियों के अनुसार शोएब लंबे समय से उमर और मुजम्मिल के संपर्क में था। वह दोनों को स्थानीय हालात की जानकारी देता था और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने वाला एक महत्वपूर्ण कड़ी बन चुका था। एजेंसियों ने यह भी पाया है कि शोएब कई बार संदिग्ध वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में सहायता करता था। हालांकि एनआईए ने इस मामले में किसी भी प्रकार की तकनीकी या संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक नहीं की है ताकि जांच पर कोई असर न पड़े।

 

एनआईए का मानना है कि शोएब की रिमांड से कई ऐसे तथ्य सामने आ सकते हैं जो धमाका साजिश की गहराई को समझने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। जांच टीम विशेष रूप से यह जानना चाहती है कि उमर को छिपाने की योजना किसके निर्देश पर बनाई गई थी और इस नेटवर्क में और कौन कौन शामिल था। अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि शोएब को वित्तीय या वैचारिक सहायता किस स्रोत से मिलती रही।

इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों को फिर एक बार यह सोचने पर मजबूर किया है कि शहरों में सक्रिय छोटे छोटे मॉड्यूल कितने खतरनाक हो सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में स्थानीय स्तर पर फैले नेटवर्क को समय रहते तोड़ना बेहद जरूरी है ताकि किसी भी बड़े हमले की साजिश को रोका जा सके।

रिमांड के दौरान मिले इनपुट आगे की कार्रवाई का आधार बनेंगे और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना भी जताई जा रही है।

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